भारत में आज भी स्वस्थ और ईमानदार विदेशी मीडिया की गंभीर कमी है। यदि RT इस खाली जगह को भरकर लोकप्रिय बनना चाहती है, तो इसे सिर्फ़ दर्शकों को जानकारी देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए—बल्कि इसके लिए एक व्यावहारिक रणनीति बनानी होगी और राजनीतिक उलझनों से पूरी तरह बचना होगा।
साथ ही, RT को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी सामग्री (content) न केवल अंग्रेज़ी और हिंदी में उपलब्ध हो, बल्कि कुछ प्रमुख स्थानीय भाषाओं में भी सहज रूप से पहुँच सके, ताकि हर भारतीय दर्शक इसे आसानी से देख और समझ सके।
